UPSC परीक्षा का पाठ्य विवरण (Syllabus):

भाग - क प्रारंभिक परीक्षा प्रश्न पत्र 1
  • • राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय महत्व की सामयिक घटनाएं।
  • • भारत का इतिहास और भारतीय राष्ट्रीय आन्दोलन ।
  • • भारत एवं विश्व भूगोल; भारत एवं विश्व का प्राकृतिक, सामाजिक, आर्थिक भूगोल।
  • • भारतीय राज्यतन्त्र और शासन संविधान, राजनैतिक प्रणाली, पंचायती राज, लोक नीति, अधिकारों संबंधी मुद्दे, आदि।
  • • आर्थिक और सामाजिक विकास सतत विकास, गरीबी, समावेशन, जनसांख्यिकी, सामाजिक क्षेत्र में की गई पहल आदि।
  • • पर्यावरणीय पारिस्थितिकी जैव-विविधता और मौसम परिवर्तन संबंधी सामान्य मुद्दे, जिनके लिए विषयगत विशेषज्ञता आवश्यक नहीं है।
  • • सामान्य विज्ञान।
प्रश्न पत्र II
  • • बोधगम्यता
  • • संचार कौशल सहित अंतर वैयक्तिक कौशल
  • • तार्किक कौशल एवं विश्लेषणात्मक क्षमता
  • • निर्णय लेना और समस्या समाधान
  • • सामान्य मानसिक योग्यता
  • • आधारभूत संख्यनन (संख्याएं और उनके संबंध, विस्तार क्रम आदि) (दसवीं कक्षा का स्तर), आंकड़ों का निर्वचन (चार्ट, ग्राफ, तालिका, आंकड़ों की पर्याप्तता आदि दसवीं कक्षा का स्तर)

टिप्पणी:

  • • सिविल सेवा (प्रारंभिक) परीक्षा का पेपर-II, अर्हक पेपर होगा जिसके लिए न्यूनतम अर्हक अंक 33% निर्धारित किए गए हैं।
  • • प्रश्न बहुविकल्पीय, वस्तुनिष्ठ प्रकार के होंगे।
  • • मूल्यांकन के प्रयोजन से उम्मीदवार के लिए यह अनिवार्य है कि वह सिविल सेवा (प्रारंभिक) परीक्षा के दोनों पेपरों में सम्मिलित हो। यदि कोई उम्मीदवार सिविल सेवा (प्रारंभिक) परीक्षा के दोनों पेपरों में सम्मिलित नहीं होता है तब उसे अयोग्य ठहराया जाएगा।

UPSC की तैयारी में समय प्रबंधन कितना महत्वपूर्ण है ?

  • 1. अंग्रेजी में एक कहावत है, Time and Tide wait for none; इस कहावत का सीधा आशय यही है कि समय रहते हमें वह सबकुछ कर लेना है, जो आवश्यक हो।
  • 2. बड़े बुजुर्ग और अनुभवी लोग भी अक्सर यह सलाह देते हैं, कि जब हम समय की कीमत को पहचानेंगे, तभी अपने कार्य में सफल हो सकेंगे।
  • 3. समय को गंवाने वाले कभी सफल नहीं होते हैं। किसी भी लक्ष्य को सफलतापूर्वक पाने और समय का सदुपयोग करने दोनों के लिए समय प्रबंधन आवश्यक है।
  • 4. यद्यपि समय प्रबंधन की कोई एक निश्चित परिभाषा नहीं है। तथापि सही काम करने के लिए सही समय का चयन भी समय प्रबंधन है। समय की मात्रा सदैव सीमित होती है, अतः समय का उचित उपयोग करना भी समय प्रबंधन ही है।
समय प्रबंधन हेतु आवश्यक उपकरण:
  • • सुदृढ योजना ।
  • • लक्ष्य निर्धारण एवं एक निश्चित उद्देश्य ।
  • • लक्ष्य प्राप्ति की अधिकतम समय-सीमा का निर्णयन ।
  • • कार्य की महत्ता के अनुसार प्राथमिकता का निर्णयन ।
  • • सही कार्य के लिए सही समय एवं समय-सीमा का निर्धारण ।
समय प्रबंधन के लाभ:
  • • उपलब्ध समय का यथोचित उपयोग कर पाना।
  • • सही समय पर सही कार्य संपादित कर पाना।
  • • व्यक्तिगत एवं शैक्षणिक क्षेत्र में सामंजस्य स्थापित करने में सहायक होता है।
  • • समय प्रबंधन, व्यवस्थित रूप से कार्य निष्पादन में सहायक होता है।
  • • समय प्रबंधन से व्यक्ति का आत्मविश्वास एवं मनोबल बढ़ता है।
  • • निश्चित समयावधि से पहले ही कार्य की सफलता एवं लक्ष्य प्राप्ति में सहायक होता है।
  • • आत्मविश्वास एवं मनोबल बढने से मानसिक संतुलन बना रहता है एवं अनावश्यक तनाव से मुक्ति मिलती है।